- रोटरी क्लब ऑफ इंदौर प्रोफेशनल्स ने स्कूल की बच्चियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण करवाया।
- इंदौर पुलिस और एचसीजी कैंसर हॉस्पिटल की संयुक्त पहल हजारों लोगों को तंबाकू और कैंसर के प्रति किया जागरूक
- Renowned Actors Sunny Deol, Preity Zinta, and Karan Deol Made Freshman Induction 2026 a Star-Studded Welcome for LPU Freshers
- “Advertising Ushered In A New-Age Sensibility to Films” - Farhan Akhtar on the stylized slick of ‘Dil Chahta Hai’.
- ‘हर कोई लव ट्रायंगल करना चाहता था’, ‘दिल चाहता है’ की कास्टिंग को लेकर फरहान अख्तर ने बताई पूरी कहानी
राजनीतिक दलों का बढ़ता वर्चस्व देश के विकास में बाधक
स्कूलों के विद्यार्थियों ने वाद-विवाद में रखे अपने विचार
इन्दौर. स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल स्मृति विचार मंच के तत्वावधान में दो दिवसीय अंतर विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन वाद-विवाद स्पर्धा का समापन शनिवार को प्रीतमलाल दुआ सभागृह में पुरस्कार वितरण के साथ हुआ. समापन अवसर पर सभी स्कूली विद्यार्थियों ने राजनीतिक दलों का बढ़ता वर्चस्तव प्रजातंत्र के लिए घातक है विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार भी रखे. पुरस्कार वितरण समारोह में कमिश्नर राघवेंद्रसिंह सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए.
स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल स्मृति विचार मंच आयोजक मनोज पटेल, अजय सारड़ा एवं रवि पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को अंतर विद्यालयीन वाद-विवाद स्पर्धा में 14 से अधिक विद्यालय के 28 विद्यार्थियों ने भाग लेकर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे.
अंतर विद्यालयीन वाद-विवाद स्पर्धा में शनिवार को राजेश्वर विद्यालय (महू) के विद्यार्थी हर्षल गेहलोत ने पक्ष में विचार रखते हुए कहा कि क्षेत्रीय राजनीतिक दलों का बढ़ता वर्चस्व आज हमारे देश के विकास के लिए बाधक है. यह देश के विकास में एक ऐसा रोड़ा बनता जा रहा है, जिससे हमारे देश के विकास के साथ-साथ युवाओं को भी भ्रमित कर रहा है. प्रजातंत्र में राजनीतिक दलों का वर्चस्व आज हमारे देश की प्रगति नहीं होने दे रहा है. जिससे हमारे देश का विकास बाधक हो रहा है.
राष्ट्रवाद को नहीं मिल रहा बढ़ावा
विपक्ष में क्रिश्चियन एमिनेन्ट की पूर्वा वाकोड़े ने विपक्ष में अपने विचार रखते हुए कहा कि भारत एक बहुत बड़ा लोकतांत्रिक राज्य हैं. पिछले कुछ दशक से हो रहे चुनावों में क्षेत्रीय दल ही केंद्र सरकार को बनाने एवं गिराने में घातक साबित हुआ है। आज की जो राजनीति चल रही है। इसमें जातिगत का मुद्दा लेकर अपनी राजनीति की जा रही है। इस राजनीति में राष्ट्रवाद को कोई बढ़ावा नहीं मिल रहा है। जिससे आज क्षेत्रीय राजनीतिक दल का वर्चस्व आज हमारे प्रजातंत्र पर हावी हो रहा है।
ये रहे विजेता
स्व. दादा निर्भयसिंह पटेल स्मृति विचार मंच समिति संयोजक अजय सारड़ा ने बताया कि महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता में निर्णायक ऋषिना नातू, नारायण तिवारी एवं अनन्या मिश्रा थे. प्रतियोगिता में पक्ष में प्रथम सैफुद्दीन ताम्बावाला, द्वितीय अंकुल हार्डिया एवं तृतीय दिव्यांशी तिवारी रहे थे तो वहीं विपक्ष में प्रथम हार्दिक दवे, द्वितीय पिक्सी पुरोहिता एवं तृतीय जस्ति बेहरे रही.


